SalaryBase.in पर दिखाई जाने वाली सैलरी कोई अंदाज़े से नहीं डाली जाती। हम सरकारी नियमों, वेतन आयोग की तालिका, भत्तों और कटौतियों के आधार पर हर सैलरी को calculate करते हैं ताकि आपको असली के बहुत करीब आंकड़ा मिल सके।
सरकारी सैलरी कैसे तय होती है?
भारत में ज़्यादातर सरकारी नौकरियों की सैलरी Pay Commission की Pay Matrix पर आधारित होती है। हर पद एक Pay Level से जुड़ा होता है और उसी के अनुसार Basic Pay तय होता है।
| Pay Level | Basic Pay (₹) |
|---|---|
| Level 1 | 18,000 |
| Level 2 | 19,900 |
| Level 3 | 21,700 |
| Level 4 | 25,500 |
| Level 6 | 35,400 |
SSC, Bank, Railway, Police, Teacher जैसी सभी नौकरियाँ किसी न किसी Pay Level में आती हैं।
Gross Salary कैसे बनती है?
Gross Salary का मतलब होता है – Basic Pay के साथ मिलने वाले सभी भत्ते।
इसमें आमतौर पर ये शामिल होते हैं:
- Basic Pay
- Dearness Allowance (DA)
- House Rent Allowance (HRA)
- Transport Allowance (TA)
- अन्य सरकारी भत्ते
उदाहरण:
- Basic Pay = ₹25,500
- DA (50%) = ₹12,750
- HRA (20%) = ₹5,100
- TA = ₹3,600
तो कुल Gross Salary = 25,500 + 12,750 + 5,100 + 3,600 = ₹46,950
In-Hand Salary कैसे निकलती है?
जो पैसा हाथ में मिलता है, उसे In-Hand Salary कहते हैं। यह Gross Salary में से कुछ कटौतियाँ निकालने के बाद बचता है।
मुख्य कटौतियाँ होती हैं:
- NPS या GPF (पेंशन के लिए)
- Income Tax (अगर लागू हो)
- Professional Tax
- अन्य सरकारी कटौतियाँ
उदाहरण:
- Gross Salary = ₹46,950
- NPS = ₹2,550
- Tax व अन्य कटौती = ₹1,400
तो In-Hand Salary होगी: 46,950 – 3,950 = लगभग ₹43,000
Private Job की Salary कैसे निकाली जाती है?
Private नौकरी में हर कंपनी की सैलरी अलग होती है। हम इसके लिए company websites, job portals और industry reports देखते हैं और औसत सैलरी निकालते हैं।
फिर CTC को monthly salary में बदलकर आपको Gross और In-Hand दोनों बताते हैं।
शहर के अनुसार सैलरी क्यों बदलती है?
क्योंकि बड़े शहरों में HRA और दूसरे भत्ते ज्यादा होते हैं। Delhi, Mumbai जैसे शहरों में सैलरी ज्यादा दिखती है जबकि छोटे शहरों में थोड़ी कम।
हमारी सैलरी कितनी सही होती है?
हम तब तक कोई सैलरी publish नहीं करते जब तक:
- वह सरकारी pay scale से match न करे
- कम से कम दो sources से verify न हो
- उसमें latest DA और भत्ते शामिल न हों
क्या आपकी असली सैलरी अलग हो सकती है?
हाँ, थोड़ी बहुत अलग हो सकती है क्योंकि:
- आपका शहर अलग हो सकता है
- आपका tax slab अलग हो सकता है
- आप NPS या GPF में हो सकते हैं
इसलिए SalaryBase.in पर दी गई सैलरी को realistic estimate समझें।
हमारा मकसद है कि आपको हर नौकरी की सैलरी साफ, सही और आसान तरीके
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