जनवरी 2026। मोबाइल पर एक ऐप खुलता है। लिखा होता है – “11% interest, instant loan, no paperwork”.
मिडिल क्लास सोचता है – “चलो यार, बैंक नहीं दे रहा तो यही सही।”
लेकिन यहीं से शुरू होता है भारत का सबसे बड़ा EMI trap।
₹1 लाख का लोन कैसे ₹1.8 लाख बन जाता है?
Bajaj Finserv जैसे NBFC ऐप्स आपको पहले दिखाते हैं:
- Loan amount: ₹1,20,000
- Interest: 11%
- EMI: ₹5,371
सब ठीक लगता है।
लेकिन जैसे ही KYC और बैंक स्टेटमेंट वेरिफाई होता है, interest बदल कर हो जाता है — 31%
यानी ₹1.20 लाख पर आप 3 साल में करीब ₹1.93 लाख चुकाते हो।
मतलब ₹73,000 सिर्फ ब्याज।
Processing Fee – पहला छुपा हुआ झटका
आप सोचते हो ₹1.20 लाख मिलेगा, लेकिन आपके अकाउंट में आता है ₹1,18,727।
क्यों?
Processing fee, insurance, GST — सब पहले काट लिया जाता है।
यानी आप EMI ₹1.20 लाख की देते हो, लेकिन हाथ में कम पैसा आता है।
Bank vs Bajaj Finserv
| Bank | Bajaj Finserv |
|---|---|
| 10–14% interest | 18%–35% |
| Slow | Instant |
| Less risky | High EMI trap |
इसीलिए हर finance expert कहता है: पहले बैंक, NBFC बाद में।
यह वही trap है जो salary वालों को भी फँसाता है: Salary Loan Reality
आपका बैंक स्टेटमेंट ही तय करता है आपका ब्याज
जैसे ही आप Bajaj Finserv या किसी loan app में अपना मोबाइल नंबर डालते हो, असल खेल शुरू हो जाता है।
आप OTP डालते हो, और उसके बाद ऐप आपसे कहता है – “अपने बैंक को connect करो”.
यहीं पर आपकी financial nakedness शुरू होती है।
Bank Fetching – आपकी पूरी जिंदगी खुल जाती है
जब आप HDFC, SBI या किसी भी बैंक को select करते हो, app आपके:
- Last 6–12 months की income
- UPI खर्च
- EMI payments
- Cash flow
सब पढ़ लेता है।
यही तय करता है:
- आपको ₹40,000 मिलेगा या ₹1.20 लाख
- Interest 15% होगा या 31%
Pre-approved offer एक psychological trap है
आपने ₹1 लाख डाला…
App बोलता है: “You are eligible for ₹1,20,000.”
दिमाग कहता है – “चलो 20 हजार extra ले लेते हैं.”
यहीं से EMI और बढ़ जाती है।
और middle class खुद को कर्ज में और गहरा धकेल देता है।
Self-employed वालों पर ज्यादा ब्याज क्यों?
अगर आप business या shop वाले हो, तो app आपसे पूछेगा:
- GST number
- Turnover
- Business type
और फिर आपको देगा – 30–35% interest
क्यों?
क्योंकि उनके हिसाब से आपकी income unstable है।
KYC और Selfie – सिर्फ पहचान नहीं, risk score
Aadhaar, selfie और address से आपका fraud score निकलता है।
अगर कहीं mismatch हुआ, तो या तो loan reject होगा या ब्याज और बढ़ेगा।
यह वही debt trap है जिसमें salary class भी फँस रही है: Postman EMI Reality
RBI क्या कहता है 31% वाले Loans पर?
RBI सीधे यह नहीं कहता कि “31% ब्याज गैरकानूनी है”, लेकिन वह NBFC और loan apps को Fair Practices Code फॉलो करने के लिए बाध्य करता है।
मतलब:
- Interest rate पहले साफ दिखाना होगा
- Hidden charges नहीं होने चाहिए
- Harassment नहीं हो सकता
लेकिन हकीकत यह है कि apps demo में 11% दिखाते हैं और approval के बाद 25–35% लगा देते हैं।
RBI का official guideline आप यहाँ देख सकते हैं: RBI Digital Lending Guidelines
2026 में कौन trap में फँस रहा है?
| Profile | Status |
|---|---|
| ₹30–40k salary + EMI | High Risk |
| Self-employed small shop | Very High Interest |
| Multiple loan apps | Debt spiral |
| Bank loan holder | Relatively safe |
यही वजह है कि middle class लगातार कर्ज में डूब रहा है।
Smart लोग 2026 में क्या कर रहे हैं?
जो लोग EMI trap से बचे हैं, वे ये करते हैं:
- पहले bank से loan try करते हैं
- EMI 30% salary से ज़्यादा नहीं रखते
- Credit card से loan नहीं बनाते
- Loan apps को last option रखते हैं
अगर आपको salary पर कितना loan मिल सकता है, आप यहाँ देख सकते हैं: Salary Loan Calculator
Loan & EMI Reality 2026 – FAQ
क्या Bajaj Finserv सुरक्षित है?
हाँ, कंपनी RBI-registered NBFC है, लेकिन interest बहुत ऊँचा होता है।
31% interest कानूनी है?
हाँ, अगर company ने terms पहले बता दिए हों।
Loan apps से बचना चाहिए?
जब तक bank option है, तब तक loan apps avoid करें।
EMI कितनी होनी चाहिए?
Monthly income का 30% से ज़्यादा नहीं।
Final Verdict
2026 में loan लेना आसान है, लेकिन loan से निकलना मुश्किल।
Apps आपको पैसा देती हैं, लेकिन आपकी सैलरी को गिरवी रख लेती हैं।
अगर आप EMI को control नहीं करते, EMI आपको control करने लगती है।
Sources & References
- Reserve Bank of India – Digital Lending Guidelines
- RBI NBFC Fair Practices Code
- SEBI & Consumer Finance Reports
- Bank & NBFC Interest Rate Circulars

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