![]() |
भारत के लाखों IT कर्मचारियों के लिए 2026 की शुरुआत एक अजीब डर लेकर आई है — “TCS, Infosys, Wipro… सब जगह salary growth slow क्यों हो रही है?”
LinkedIn पर लोग करोड़ों के पैकेज पोस्ट कर रहे हैं, लेकिन ज़मीनी सच्चाई में लाखों इंजीनियर वही सैलरी ले रहे हैं जो उन्होंने 3–4 साल पहले ली थी।
आज हम आपको एक ऐसे TCS इंजीनियर की कहानी बता रहे हैं जिसने 2017 में TCS जॉइन की थी और 2021 में छोड़ी — और उसकी salary journey हर मिडिल क्लास IT प्रोफेशनल की कहानी है।
एक इंजीनियर की पहली सैलरी – सपना सच हुआ
23 नवंबर 2017। पहली नौकरी। पहली बार बैंक अकाउंट में पैसा।
Role मिला – Assistant System Engineer Package – ₹3.36 LPA
पहली salary आई – ₹24,500
घर में मिठाई आई। माँ–पापा को गर्व हुआ। लगा अब जिंदगी सेट है।
लेकिन सैलरी स्लिप की पहली चोट यहीं लगी —
- ₹4,000 कट गए ट्रेनिंग हॉस्टल के
- PF कट गया
- Insurance कट गया
हाथ में बचा — लगभग ₹19,000
यही से असली corporate reality शुरू होती है।
Training से Project तक – पैसा वही, काम बढ़ता गया
Ahmedabad में ट्रेनिंग के बाद जब प्रोजेक्ट मिला, तो थोड़ी राहत मिली।
Performance Pay: ₹1,900 – ₹2,000 Quarterly Bonus: ₹2,000 – ₹4,000
लेकिन ये पैसा कभी stable नहीं होता था।
कभी बोनस आता, कभी नहीं। पर EMI, किराया, खर्च हमेशा समय पर आते।
और साल में दो बार health insurance के नाम पर ₹1,800 कट जाते।
हाँ, TCS का insurance बढ़िया है — लेकिन वो भी आपकी सैलरी से ही जाता है।
TCS का “Family Culture” – भावनाओं का खेल
2018–19 में जब TCS ने 50 साल पूरे किए, तो हर employee को Titan की घड़ी मिली।
घड़ी सुंदर थी। Branding था – “TCS 50”.
लेकिन salary वही थी।
यही है Tata culture — भावनात्मक जुड़ाव, लेकिन पैसा धीरे बढ़ता है।
“चप्पल बाटा की और नौकरी Tata की” ये लाइन हर TCS employee सुनता है।
और यहीं से लोग comfort zone में फँस जाते हैं।
LinkedIn और Comparison का ज़हर
2017 में कोई LinkedIn पर salary flex नहीं करता था।
2026 में?
हर दिन: “I am delighted to share that I joined ABC company…”
100 पोस्ट। 200 लोग। हर कोई 2x, 3x पैकेज दिखा रहा है।
और जो TCS में बैठा है, वो अपनी ₹30,000 की salary देख कर टूट जाता है।
यहीं से salary anxiety शुरू होती है।
4 साल बीत गए… और बैंक बैलेंस?
3.8 साल काम करने के बाद —
CTC पहुँचा: ₹4.54 LPA Last in-hand salary: ₹31,000
मतलब: ₹24,500 → ₹31,000 पूरे 4 साल में बढ़े सिर्फ ₹6,000
और saving?
खुद कर्मचारी के शब्दों में — “मेरे अकाउंट की हालत पाकिस्तान की economy जैसी हो गई थी.”
TCS Appraisal System – A, B, C, D, E का असली खेल
TCS में सैलरी आपकी मेहनत से कम और आपके band से ज़्यादा तय होती है।
यहाँ 5 band होते हैं:
| Band | Meaning | Increment |
|---|---|---|
| A | Top Performer | 6% – 8% |
| B | Good Performer | 4% – 6% |
| C | Average | 2% – 3% |
| D | Poor | 0% या Negative |
| E | Critical | Job Risk |
ज़्यादातर employees B या C band में ही रहते हैं।
मतलब — आप जितनी भी मेहनत कर लो, आपकी salary साल में 2%–5% ही बढ़ेगी।
क्यों ज़्यादातर लोग B और C में ही फँसे रहते हैं?
क्योंकि A band सबको नहीं दिया जा सकता।
TCS का सिस्टम ही ऐसा है कि हर टीम में सिर्फ 1–2 लोगों को A मिलेगा।
बाकी 20–30 लोग B या C।
तो चाहे आप कितना भी काम कर लो — salary ceiling fixed रहती है।
D और E Band – Salary की मौत
D band मतलब:
- No increment
- Performance pay कट
- In-hand salary कम
और E band मतलब:
- Manager से clash
- Project से बाहर
- Resignation pressure
यह rare होता है, लेकिन जिनको मिलता है, उनकी career टूट जाती है।
Salary Slip का असली खेल
TCS में CTC तो बढ़ता है, लेकिन in-hand salary नहीं।
क्यों?
- Variable pay
- Performance component
- Insurance
- PF
अगर आपका band नीचे गया, तो ये सारे components कट जाते हैं।
मतलब आपकी monthly salary घट जाती है भले ही CTC कागज पर बढ़ा दिखे।
Why People Stay – Comfort Zone Trap
लोग जानते हैं कि salary slow है, फिर भी TCS छोड़ते नहीं।
क्यों?
- Job security
- Brand name
- Family pressure
- Switch का डर
और हर साल यही सोचते हैं — “अगले appraisal में बढ़ेगी.”
और फिर वही 3–4%…
Real Growth किसे मिलती है?
Growth मिलती है:
- जो 2–3 साल में switch करते हैं
- जो comfort zone तोड़ते हैं
- जो market value बनाते हैं
बाकी लोग TCS में टिके रहते हैं, पर salary वहीं की वहीं रहती है।
IT Salary Slowdown 2026 – क्या TCS अकेला है?
2026 में TCS अकेली कंपनी नहीं है जहाँ salary growth धीमी हुई है। Infosys, Wipro, HCL जैसी बड़ी IT कंपनियाँ भी hiring और appraisal दोनों को slow कर चुकी हैं।
भारत सरकार के Labour Ministry और global tech reports भी कह रहे हैं कि AI, automation और cost-cutting की वजह से IT industry अब पहले जैसी high-paying नहीं रही।
आप चाहें तो global data यहाँ देख सकते हैं: Statista – Global IT Industry Trends
2026 में TCS Employee की असली स्थिति
| Category | Reality |
|---|---|
| Freshers | ₹25k–₹35k monthly, high hope, low growth |
| 2–5 Years Experience | ₹30k–₹50k, stuck in B–C band |
| 10+ Years | Stable job, slow salary |
| Switchers | Best growth |
जो लोग 3–4 साल में switch कर लेते हैं, वही market ke real winner बनते हैं।
Who Wins, Who Loses in TCS Salary System?
| Group | 2026 Result |
|---|---|
| TCS Management | High profit, low cost |
| Long-term employees | Salary stagnation |
| Freshers | Learning, but low pay |
| Switchers | Big winners |
TCS stability देता है, लेकिन wealth build करने का रास्ता नहीं।
Smart TCS Employees क्या कर रहे हैं?
जो समझदार लोग हैं, वो ये कर रहे हैं:
- Market skills सीख रहे हैं (cloud, AI, data)
- 2–3 साल में job switch
- Salary slip के बजाय skill value पर focus
- LinkedIn show-off से दूर, real growth पर ध्यान
इसीलिए Naukri और Indeed जैसे portals पर switchers की salary 2x–3x हो रही है।
आप खुद देख सकते हैं: Naukri Job Market | Indeed Global Jobs
TCS Salary 2026 – FAQ
Q1. क्या TCS में सैलरी कम है?
TCS में stability ज़्यादा है, लेकिन salary growth slow है।
Q2. क्या TCS छोड़ना सही है?
अगर आप fast growth चाहते हैं, तो switch जरूरी है।
Q3. क्या B band में रहकर rich बन सकते हैं?
नहीं। B band सिर्फ survival देता है, wealth नहीं।
Q4. क्या 2026 में IT jobs safe हैं?
Jobs safe हैं, लेकिन salary explosion खत्म हो चुका है।
Final Verdict
TCS आज भी India की सबसे stable IT company है। लेकिन 2026 में यह salary-growth की factory नहीं रही।
जो लोग 10 साल तक यहीं टिके रहते हैं, वो comfortable तो होते हैं — लेकिन financially पीछे रह जाते हैं।
और जो लोग risk लेते हैं, वही असली middle-class से upper-middle-class बनते हैं।
Salary आपकी कंपनी तय नहीं करती — आपका courage तय करता है।

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें